CAG रिपोर्ट में नमामी गंगे योजना को लेकर बड़े खुलासे, काजी निजामुद्दीन ने सरकार को घेरा, जानिये क्या कहा

गैरसैंण:राजीव डेरवी।उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में पेश हुई CAG रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा. कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने नमामि गंगे योजना और गंगा के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए.

गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में पेश हुई CAG की रिपोर्ट को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट उत्तराखंड में गंगा की स्थिति और नमामि गंगे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना होगा.

काजी निजामुद्दीन ने कहा CAG रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की प्रयोगशालाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं. कई प्रयोगशालाएं मान्यता प्राप्त भी नहीं हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि हरिद्वार में गंगा का पानी बी श्रेणी का पाया गया है, जो सीधे पीने योग्य नहीं माना जाता. ऐसे में यह चिंता का विषय है कि जिस गंगा जल को करोड़ों लोग आस्था के रूप में देखते हैं, उसकी गुणवत्ता को लेकर गंभीर स्थिति सामने आ रही है.

कांग्रेस विधायक ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राज्य में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप नहीं हैं. इसके अलावा 18 एसटीपी की कमी बताई गई है. कई एसटीपी बंद पड़े हुए हैं.

उन्होंने कहा CAG की रिपोर्ट को पढ़ने से साफ दिखाई देता है कि नमामि गंगे योजना का उत्तराखंड में हाल ठीक नहीं है. गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं.

काजी निजामुद्दीन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस गंगा जल को स्वच्छ रखने के लिए इतना पैसा खर्च किया जा रहा है, अगर वही गंगा जल लोगों को शुद्ध रूप में नहीं मिल पा रहा है तो सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर वह कर क्या रही है?

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति और मजार तोड़ने के लिए बनी है या फिर जनता और आस्था से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करेगी. काजी निजामुद्दीन ने कहा गंगा करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है. अगर गंगा जल की स्थिति खराब है तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है और सरकार को इस पर सदन और जनता के सामने जवाब देना होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!